।। माँ विणापाणी।।
या कुन्देन्दु तुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या विणावरदण्डमंडितकरा या श्वेतापद्मासना।
या ब्रह्माच्युतराङकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।।
।। भोजन नियम व रस।। हमारे भोजन में 6 रस होते है । इसीलिए हमारे भोजन को षडरस कहा जाता है । १. अम्ल ( खट्टा ) २. मधुर ( मीठा ) ३. लवण ( नमकीन ) ४.कटु ( कडुवा ) ५. तिक्त ( चरपरा ) ६. कषाय ( कसैला ) प्...
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