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।। जय माँ शारदे।।

।। माँ विणापाणी।।
या कुन्देन्दु तुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या विणावरदण्डमंडितकरा या श्वेतापद्मासना।
या ब्रह्माच्युतराङकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।।

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