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Showing posts from January, 2019

परिचय (Introduction) - भारतीय विज्ञान परंपरा (Bhartiya Vigyan Prampara)

।। भारतीय विज्ञान परंपरा।। भारतवर्ष में वैज्ञानिक दृष्टि से अध्ययन-अनुसंधान की परंपरा वैदिक काल से है। अनेकों ऋषि-मुनियों तथा मनीषियों ने इसके लिए अपने अमूल्य जीवन का ...

नारायण पंडित |Narayana Pandit |

।। भारतीय गणितज्ञ-नारायण पंडित (01) ।। केरला के महान गणितज्ञ जिनका कार्यकाल 1325 ई. से 1400 ई. के बीच रहा। इनके पिता का नाम नरसिम्हा था। आर्यभट्ट तथा भास्कराचार्य - ।। से प्रभावित हो कर गणित के विभिन्न क्षेत्रों में अनुपम योगदान दिया, इन्होंने अंकगणित, बीज-गणित, ज्यामिती, जादूई-वर्ग इत्यादि अनेक विषयों पर कार्य किया है। सन् 1356 ई. में इन्होंने गणित कौमुदी की रचना की साथ ही भास्कराचार्य द्वितीय द्वारा रचित लीलावती के उपर टिप्पणी 'कर्मप्रदीपिका' की रचना की। विभिन्न क्षेत्रों में आपके द्वारा किये गये कुछ कार्य —    ~ अंकगणित — इसके अन्तर्गत आपने वर्ग करने की नई विधि की रचना की थी   (i)  P² = (p + q)² = p² + q² + 2pq         (24)² = (20 + 4)²                  = 20² + 4² + 2×20 × 4                  = 400 + 16 + 160       ...

वराहमिहिर (Varahmihir)

।। वराह मिहिर।। (जन्म-ईस्वी 499- मृत्यु ईस्वी सन् 587) : वराह मिहिर का जन्म उज्जैन के समीप कपिथा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम आदित्यदास था। उन्होंने उनका नाम ‍मिहिर रखा था जिसक...