MANAS GANIT
  • Home
  • ABOUT US
    • Internet
    • Market
    • Stock
  • PRIVACY POLICY
    • Child Category 1
      • Sub Child Category 1
      • Sub Child Category 2
      • Sub Child Category 3
    • Child Category 2
    • Child Category 3
    • Child Category 4
  • DISCLAIMER
  • CONTACT
    • Childcare
    • Doctors
  • Home
  • भारतीय गणितज्ञ
    • Internet
    • Market
    • Stock
  • भारतीय विज्ञान
    • Dvd
    • Games
    • Software
      • Office
  • वैदिक गणित
    • Child Category 1
      • Sub Child Category 1
      • Sub Child Category 2
      • Sub Child Category 3
    • Child Category 2
    • Child Category 3
    • Child Category 4
  • भारतीय गणित
  • गणितीय समाचार
    • Childcare
    • Doctors
  • Uncategorized

Saturday, 25 March 2017

।। पाक कौन है - असुर या पवित्र।।

 March 25, 2017     भारतीय विज्ञान     No comments   

।। पाक कौन है —???।।
पाक एक असुर था जो कि जम्भासुर का भाइ था। देवासुरसंग्राम में अपने भाइ जम्भासुर का नारद जी के हाथों मृत्यु को प्राप्त होने के पश्चात देवताओं से बदला लेने के लिए पूरी शक्ति से आक्रमण किया था। 


समुद्र मंथन से प्राप्त अमृत को जब मोहिनी रुप धारी भगवान् श्री विष्णु जी देवताओं को पिला दिया तब उन्हें राहु-केतु के द्वारा पता चला कि सारा का सारा अमृत तो देवताओं को ही पिला दिया गया। फलतः सारे के सारे असुर देवताओं पर टूट पड़े तथा यहीं से
"देवासुरसंग्राम" की शुरुआत हो गई।
भगवान् श्री वेद व्यास जी द्वारा रचित  श्रीमद्भागवत महापुराण के   आठवें स्कंध  के ग्यारहवें अध्याय के श्लोक संख्या उन्नीसवें श्लोक से अट्ठाइसवें श्लोक तक के मुख्य रुप से तीन श्लोकों को समझने की जरूरत है—
   जम्भं श्रुत्वा हतं तस्य ज्ञातयो नारदादृषेः ।
   ननुचिश्च बलः पाकस्तत्रापेतुस्त्वरान्विताः।।
                     —श्रीमद्भागवत - 8 / 11 / 19
अर्थात—
देवर्षि नारद से जम्भासुर की मृत्यु का समाचार जानकर उसके भाई-बन्धु नमुचि, बल और   "पाक" झटपट रणभूमि में आ पहुंचे।  -19-
   शताभ्यां मातलिं पाको रथं सावयवं पृथक् ।
   सकृत्सन्धानमोक्षेण तदभ्दुतमभूद रणे।।
                  —श्रीमद्भागवत - 8 /11 / 22
अर्थात—
पाक ने सौ वाणों से देवराज इन्द्र के सारथि मातलि को और सौ वाणों से देवराज इन्द्र के रथ को छेद डाला। युद्धभूमि में यह बड़ी अद्भुत घटना हुई कि एक ही बार में इतने वाण उस ("पाक") ने चढ़ाये और चलाये।। -22-
    निरीक्ष्य पृतनां देवः परैरभ्यर्दितां रणे ।
    उदयच्छद् रिपुं हन्तुं वज्रं वज्रधरो रुषा।।
                     —श्रीमद्भागवत - 8 / 11 / 27
अर्थात—
वज्रधारी इन्द्र ने देखा कि शत्रुओं ने रणभूमि में हमारी सेना को रौंद डाला है, तब उन्होंने बड़े क्रोध से शत्रुओं को मार डालने के लिए वज्र से आक्रमण किया। -27-
    स तेनैवाष्टधारेण शिरसी बलपाकयोः
    ज्ञातीनां पश्यतां राञ्जहार जनयन्भयम् ।।
                     —श्रीमद्भागवत - 8/ 11 / 28
अर्थात—
उस आठ धार वाले पैने वज्र से उन दैत्यों के भाइ-बन्धुओं को भी भयभीत करते हुए उन्होंने बल और "पाक" के सिर काट लिए। -28-
उपरोक्त विवरण से यह स्पष्ट है कि " पाक" का अर्थ जो हमें पवित्र बताया जाता है वह अर्थ मात्र एक पहलू है, जबकि सच्चाई तो यह है कि पाक एक असुर था जो तब भी समाज का दुश्मन था और आज भी समाज का दुश्मन ही है।
निष्कर्ष :- उपरोक्त विषय से यह प्रतीत होता है कि हमें जो वर्षों से पढाया या सिखाया जा रहा है उतना ही सत्य नहीं है। साथ ही शब्दकोश में भी व्यापक सुधार की जरूरत है ताकि हम आपने आने वाली पीढ़ियों को अपने वेद तथा पुराणों का सही अर्थ समझा सकें।
—अनिल ठाकुर  ।।

  • Share This:  
  •  Facebook
  •  Twitter
  •  Google+
  •  Stumble
  •  Digg
Email ThisBlogThis!Share to XShare to Facebook
Newer Post Older Post Home

0 comments:

Post a Comment

Popular Posts

  • ।। भोजन के नियम व रस।।
      ।। भोजन नियम व रस।। हमारे भोजन में 6 रस  होते है । इसीलिए हमारे भोजन को षडरस कहा जाता है ।   १. अम्ल ( खट्टा ) २. मधुर ( मीठा ) ३. लवण ...
  • ।। कलावा (मौली) - एक विज्ञान।।
    कलावा (मौली) क्यों बांधते हैं? मौली बांधना वैदिक परंपरा का हिस्सा है। इसे लोग कलावा भी कहते हैंl यज्ञ के दौरान इसे बांधे जाने की परंपरा तो ...
  • Vedic Ganit A Dance of Numbers
    Vedic Ganit is not merely Mathematics — it is the Dance of Numbers. In ordinary mathematics, numbers are counted. In Vedic Gan...

Blog Archive

  • ►  2026 (4)
    • ►  March (2)
    • ►  February (2)
  • ►  2019 (6)
    • ►  September (2)
    • ►  March (1)
    • ►  January (3)
  • ►  2018 (10)
    • ►  November (1)
    • ►  October (5)
    • ►  September (1)
    • ►  March (1)
    • ►  February (2)
  • ▼  2017 (13)
    • ►  September (2)
    • ►  August (1)
    • ►  May (1)
    • ▼  March (6)
      • ।। अयोध्या राम मंदिर - शहीदों की गाथा।।
      • ।। पाक कौन है - असुर या पवित्र।।
      • ।। गाय - जल-संरक्षण।।
      • Historical journey of Pi
      • ।। शंख।।
      • ।। ब्राह्मण - रक्षक या भक्षक।।
    • ►  February (3)
  • ►  2016 (41)
    • ►  November (2)
    • ►  October (16)
    • ►  September (1)
    • ►  August (4)
    • ►  July (1)
    • ►  June (17)

Featured post

Three Dimensional Application of the Third Sutra of Vedic Mathematics

The third Sutra of Vedic Mathematics, “ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम्” (Urdhva–Tiryagbhyam) ,  literally means “Vertically and Crosswise.” ...

Popular Posts

  • ।। भोजन के नियम व रस।।
      ।। भोजन नियम व रस।। हमारे भोजन में 6 रस  होते है । इसीलिए हमारे भोजन को षडरस कहा जाता है ।   १. अम्ल ( खट्टा ) २. मधुर ( मीठा ) ३. लवण ...
  • ।। कलावा (मौली) - एक विज्ञान।।
    कलावा (मौली) क्यों बांधते हैं? मौली बांधना वैदिक परंपरा का हिस्सा है। इसे लोग कलावा भी कहते हैंl यज्ञ के दौरान इसे बांधे जाने की परंपरा तो ...
  • Vedic Ganit A Dance of Numbers
    Vedic Ganit is not merely Mathematics — it is the Dance of Numbers. In ordinary mathematics, numbers are counted. In Vedic Gan...

Manas Ganit

मानस-गणित एक अद्भुत प्रयास जो भारतीय ,आधुनिक तथा वैदिक गणित के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए युवा पीढ़ी के सम्पूर्ण व्यक्तित्व के विकास को लक्षित करके गणितीय ज्ञान को सरल तथा रोचक बनाती है।

Copyright © MANAS GANIT | Powered by Blogger
Design by Hardeep Asrani | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com